विक्रमशिला सेतु के स्थायी समाधान की दिशा में बड़ा कदम: सरकार ने तेज की मरम्मत और पुनर्निर्माण प्रक्रिया
A Major Step Towards a Permanent Solution for the Vikramshila Bridge
भागलपुर। A Major Step Towards a Permanent Solution for the Vikramshila Bridge, गंगा के दोनों तटों को जोड़ने वाली भागलपुर की जीवनरेखा विक्रमशिला सेतु के स्थाई समाधान की दिशा में सरकार ने ठोस कदम बढ़ा दिए हैं। रविवार को मुख्यमंत्री ने सेतु पर निर्माणाधीन बेली ब्रिज और वैकल्पिक यातायात व्यवस्था का बारीकी से निरीक्षण किया।
निरीक्षण के दौरान उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि अस्थाई व्यवस्था के तहत यथाशीघ्र आवागमन बहाल किया जाए, ताकि लोगों की परेशानियां कम हों। मुख्यमंत्री ने कहा कि विक्रमशिला सेतु केवल एक पुल नहीं, बल्कि भागलपुर और कोसी-सीमांचल क्षेत्र की आर्थिक, सामाजिक और सांस्कृतिक धड़कन है।
तकनीकी जांच और स्थाई मरम्मत की योजना
मुख्यमंत्री ने बताया कि सेतु के सुपर स्ट्रक्चर की तकनीकी जांच दो विशेषज्ञ एजेंसियों द्वारा पूरी हो चुकी है, जबकि एक अन्य एजेंसी से भी विस्तृत परीक्षण कराया जाएगा। उनका कहना था कि यह सुनिश्चित किया जाएगा कि भविष्य में सेतु की मजबूती और सुरक्षा पर कोई समझौता न हो।
उन्होंने जानकारी दी कि वर्तमान में सेतु के तीन स्लैब में क्षति और स्क्रैच पाए गए हैं। इन स्लैबों को हटाकर नए स्लैब लगाए जाएंगे। जांच एजेंसियों की अंतिम रिपोर्ट में यदि अन्य स्लैबों को भी बदलने की आवश्यकता सामने आती है तो उन्हें भी तुरंत बदला जाएगा।
मुख्यमंत्री ने कहा, “मरम्मत और पुनर्निर्माण के बाद विक्रमशिला सेतु पहले से अधिक सुदृढ़, सुरक्षित और आधुनिक स्वरूप में तैयार होगा।”
30 नवंबर तक पूर्ण निरीक्षण और प्रगति की समीक्षा
निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री ने 30 नवंबर की समय-सीमा निर्धारित करते हुए कहा, “मैं स्वयं 30 नवंबर को पुनः भागलपुर आकर सेतु का निरीक्षण करूंगा। तब कार्य की गुणवत्ता और प्रगति की समीक्षा की जाएगी।”
उन्होंने यह भी कहा कि बेली ब्रिज के माध्यम से शीघ्र आवागमन प्रारंभ कराया जाएगा। तब तक सरकारी स्तर पर छोटे वाहनों तथा आम लोगों के आवागमन की विशेष व्यवस्था जारी रहेगी। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि जनजीवन पर कोई प्रतिकूल प्रभाव न पड़े।
आम जनता में राहत और भरोसा
मुख्यमंत्री के इस आश्वासन से विक्रमशिला सेतु पर निर्भर लाखों लोगों में राहत और भरोसे का संचार हुआ है। लोगों को उम्मीद है कि निर्धारित समय-सीमा के भीतर सेतु का स्थायी पुनरुद्धार पूरा होगा और भागलपुर-कोसी क्षेत्र के लिए यह मार्ग फिर से सुरक्षित और सहज आवागमन प्रदान करेगा।
विशेषज्ञों का कहना है कि इस प्रकार की मरम्मत और आधुनिक स्लैबों के निर्माण से सेतु की आयु बढ़ेगी और भविष्य में तकनीकी खामियों की संभावना घटेगी। स्थानीय प्रशासन और परिवहन विभाग भी इस कार्य में लगातार निगरानी रख रहे हैं।
बेली ब्रिज से सुविधाजनक आवागमन
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा कि बेली ब्रिज के माध्यम से जब तक मुख्य सेतु दुरुस्त नहीं होता, तब तक छोटे वाहनों और पैदल यात्रियों के लिए विशेष व्यवस्था जारी रहे। इसका उद्देश्य है कि लोगों को रोजमर्रा की जिंदगी में कोई बाधा न आए।
भागलपुर, नवगछिया और कोसी क्षेत्र के लोग अब इस दिशा में उठाए गए कदमों से काफी संतुष्ट हैं। उन्हें उम्मीद है कि 30 नवंबर तक सेतु पर स्थायी रूप से यातायात बहाल हो जाएगा, और इसके साथ ही क्षेत्र में आर्थिक और सामाजिक गतिविधियों को भी मजबूती मिलेगी।